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राज्यसभा में सांसद डॉ. नरेश बंसल ने उठाया पेट्रोलियम खुदरा क्षेत्र के आधुनिकीकरण का मुद्दा

by badhtabharat
  • डिजिटलीकरण, मोबाइल ईंधन वितरण और ऊर्जा स्टेशनों के विस्तार को लेकर सरकार से मांगी जानकारी

नई दिल्ली/देहरादून। भाजपा के राष्ट्रीय सहकोषाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद डॉ. नरेश बंसल ने राज्यसभा में देश में पेट्रोलियम खुदरा क्षेत्र के आधुनिकीकरण तथा विद्युत गतिशीलता अवसंरचना के साथ इसके एकीकरण का महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया।

सांसद डॉ. बंसल ने सदन में प्रश्न करते हुए पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री से पूछा कि डिजिटल भुगतान प्रणालियों की तैनाती सहित पेट्रोलियम खुदरा विक्रय केंद्रों के डिजिटलीकरण से उपभोक्ता सुविधाओं और परिचालन दक्षता में किस हद तक सुधार हुआ है। इसके साथ ही उन्होंने मोबाइल ईंधन वितरण अवसंरचना की तैनाती से दूरस्थ ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों में ईंधन की उपलब्धता पर पड़े प्रभाव तथा पेट्रोलियम खुदरा केंद्रों को एकीकृत ऊर्जा सेवा केंद्रों में परिवर्तित करने की सरकार की योजना के बारे में भी जानकारी मांगी।

इस पर पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने सदन में लिखित उत्तर देते हुए बताया कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) का देशभर में शहरी, अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों सहित 92,343 खुदरा बिक्री केंद्रों का व्यापक नेटवर्क है। इनमें 1 मार्च 2026 तक 92,195 केंद्रों पर डिजिटल भुगतान की सुविधा उपलब्ध है, जिसमें यूपीआई, क्रेडिट-डेबिट कार्ड और लॉयल्टी प्रोग्राम शामिल हैं, जिससे ग्राहकों को कैशलेस लेन-देन की सुविधा मिल रही है।

उन्होंने बताया कि 1 मार्च 2026 तक देशभर में 3,283 मोबाइल फ्यूल डिलीवरी वाहन संचालित हो रहे हैं, जो दूरस्थ और कम सुविधा वाले क्षेत्रों में हाई स्पीड डीजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने में सहायक साबित हो रहे हैं। इससे उन उद्योगों और उपभोक्ताओं को विशेष लाभ मिल रहा है जिनके पास भंडारण की पर्याप्त सुविधा नहीं है।

राज्य मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि देश में वर्तमान में 1,488 ऊर्जा स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं, जो पारंपरिक ईंधन के साथ-साथ हरित ऊर्जा विकल्प भी उपलब्ध करा रहे हैं। इन ऊर्जा स्टेशनों पर पेट्रोल, डीजल, जैव ईंधन, संपीडित प्राकृतिक गैस (CNG), द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) के साथ-साथ इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए ईवी चार्जिंग सुविधा भी उपलब्ध है।