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उत्तराखंड में बर्फबारी के बाद लगभग 100 गांवों का कटा संपर्क, कुछ दिन ऐसा रहेगा मौसम

by badhtabharat

 

देहरादून : पहाड़ों पर बर्फबारी का सिलसिला जारी है। बर्फबारी के बाद राज्‍य में पारा गिर गया है और कड़ाके की ठंड पड़ रही है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार प्रदेश में आज आंशिक से लेकर मुख्यत: बादल छाये रह सकते हैं। उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग समेत 2500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात के आसार हैं। देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और चंपावत में गरज के साथ तीव्र बौछारें व ओलावृष्टि की आशंका है। इसे लेकर अलर्ट रहने की सलाह दी गई है। इस दौरान तापमान में भी गिरावट आ सकती है।

पहाड़ों में भारी हिमपात के कारण जनजीवन प्रभावित है। मैदानों में वर्षा के बाद सर्द हवाओं ने कंपकंपी बढ़ा दी है। भारी हिमपात के कारण प्रदेश में करीब 100 गांवों का संपर्क कट गया है। मौसम विभाग की ओर से आग प्रदेश में बारिश-बर्फबारी जारी रहने की आशंका जताई गई है। साथ ही कहीं-कहीं गरज के साथ बौछारें और ओलावृष्टि को लेकर आरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इस बीच तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की जा सकती है।

गुरुवार देर रात हुई बारिश और बर्फबारी की वजह से गंगोत्री- यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग समेत जिले के आधा दर्जन से अधिक संपर्क मोटर मार्ग बाधित हैं। गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग झाला से गंगोत्री तक और यमुनोत्री राजमार्ग फूल चट्टी से जानकी चट्टी तक अवरुद्ध है। बारिश के चलते बदरीनाथ हाईवे पर सिरोबगड़ में मलबा आने से दो घंटे यातायात प्रभावित रहा। ऊखीमठ-चोपता-चमोली मोटर मार्ग बर्फबारी के कारण बंद है। यहां जेसीबी से बर्फ हटाने का काम जारी है। बर्फबारी के कारण चोपता,दुगलविट्टा, कनकचौरी आदि स्थानों पर पर्यटकों में खासा उत्साह का माहौल है।

प्रदेश में बीते दो दिन से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। पहाड़ों में भारी हिमपात और निचले क्षेत्रों में वर्षा का क्रम बना हुआ है। शुक्रवार को केदारनाथ धाम में चौथे दिन भी बर्फबारी का दौर जारी रहा। वहीं द्वितीय व तृतीय केदार समेत ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जोरदार बर्फबारी हो रही है। जबकि घाटी वाले क्षेत्रों में भी बारिश हुई। बारिश व बर्फबारी से कड़ाके की ठंड का प्रकोप बना है। जनपद के दो दर्जन गांव बर्फ से अटे पड़े हैं, यहां का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। आइटीबीपी के जवान केदारनाथ धाम में पांच फीट बर्फ में भी पूरी मुस्तैदी के साथ मंदिर की सुरक्षा में तैनात हैं।

उत्तरकाशी में बर्फबारी के कारण 25 से अधिक गांव अलग-थलग पड़ गए हैं। अधिकांश गांवों में बिजली और पानी की आपूर्ति ठप हो गई है। हर्षिल घाटी में तो इस सीजन का सबसे बड़ा हिमपात हुआ है। यहां करीब डेढ़ फीट से अधिक बर्फ की चादर जम चुकी है। गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग गंगनानी से गंगोत्री तक (55 किलोमीटर क्षेत्र) बंद हो गया है। भले ही सीमा सड़क संगठन के जवान राजमार्ग को सुचारू करने में जुटे हैं। चमोली जिले में बर्फबारी से प्रभावित 47 गांवों में सीजन की पहली बर्फबारी हुई है। हालांकि औली, बदरीनाथ हेमकुंड क्षेत्र में पहले भी कई बार बर्फबारी हो चुकी है। बर्फबारी से चोपता मोटर मार्ग पर किमी 40 से आगे अवरुद्ध हो गया। वहीं बर्फबारी से बदरीनाथ महायोजना के कार्य पर भी ब्रेक लगा है।

कुमाऊं के हिमनगरी मुनस्यारी व नारायण आश्रम में भी भारी हिमपात हुआ। पूरा क्षेत्र बर्फ से लकदक हो गया। बागेश्वर व अल्मोड़ा जिले में चोटियों पर भी बर्फ पड़ी। पिथौरागढ़ जिले के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में दारमा, व्यास और जोहार घाटी में बर्फबारी प्रारंभ हो गई। मैदानी क्षेत्रों में बादलों के डेरे के बीच हल्की से मध्यम वर्षा के कई दौर हुए। जिसके बाद दिनभर देहरादून समेत अन्य क्षेत्रों में सर्द हवाओं ने कंपकंपी बढ़ा दी। इस दौरान ज्यादातर क्षेत्रों में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक पारा लुढ़क गया। पंतनगर से दिल्ली और लखनऊ के लिए इंडिगो की सभी उडानें 24 जनवरी तक के लिए निरस्त हो गई हैं। लखनऊ से पंतनगर के लिए सप्ताह में तीन दिन मंगलवार, गुरुवार, शनिवार व दिल्ली से हर रोज हवाई सेवा संचालित है। नए साल में कोहरे के कारण दिल्ली से पंतनगर की एक भी उड़ान नहीं हुई। लखनऊ के लिए बस दो ही दिन उड़ान हो सकी।