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हरिद्वार में अवैध दवा विक्रय पर ड्रग्स विभाग की कड़ी कार्रवाई, ड्रग्स इंस्पेक्टर मेघा ने कई मेडिकल स्टोर्स का औचक निरीक्षण, नमूने जब्त

by badhtabharat

हरिद्वार : जनपद में औषधि कानूनों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित कराने और अवैध दवा विक्रय पर नियंत्रण हेतु ड्रग्स विभाग द्वारा चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत आज बड़ी कार्रवाई की गई। आयुक्त खाद्य सरंक्षा एवं औषधि प्रशासन डॉ. आर राजेश कुमार एवं  अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी के निर्देशों के क्रम में विभाग की टीम ने धनपुरा और रईसी क्षेत्र में कई मेडिकल स्टोर्स का औचक निरीक्षण किया, जिसमें एक स्टोर से शक के आधार पर चार दवाओं के नमूने जांच के लिए एकत्रित किए गए।

ड्रग्स इंस्पेक्टर मेघा द्वारा संचालित इस निरीक्षण अभियान में कुल 07 मेडिकल स्टोर्स को चिन्हित किया गया। इसमें 04 मौजूदा मेडिकल स्टोर्स का नियमित औचक निरीक्षण किया गया, जबकि 02 नए प्रतिष्ठानों का लाइसेंस प्रदान करने से पहले उनकी स्थापना और बुनियादी ढांचे का निरीक्षण किया गया, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि निर्धारित मानकों का पालन किया जा रहा है। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री पोर्टल पर प्राप्त एक शिकायत के संबंध में भी एक मेडिकल स्टोर का विशेष निरीक्षण किया गया और उसका ब्यौरा रिकॉर्ड किया गया।

निरीक्षण के दौरान एक मेडिकल स्टोर से गुणवत्ता संबंधी संदेह के चलते 04 अलग-अलग दवाओं के नमूने एकत्र किए गए। इन नमूनों को औपचारिक रूप से प्रयोगशाला भेजा जा रहा है, जहाँ उनकी गुणवत्ता और प्रभावकारिता की जांच की जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

ड्रग्स इंस्पेक्टर मेघा ने निरीक्षण के दौरान सभी मेडिकल स्टोर संचालकों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट रूप से हिदायत दी कि किसी भी प्रकार की नारकोटिक या नशीली दवा का विक्रय बिना पूर्ण क्रय-विक्रय रिकॉर्ड के नहीं किया जाए। यदि कोई इस नियम का उल्लंघन करता हुआ पाया गया, तो उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

इसके अलावा, एक्सपायरी दवाओं को लेकर भी सख्त निर्देश जारी किए गए। सभी स्टोर्स को नियमित रूप से अपने स्टॉक की जांच करने और मियाद पूरी हो चुकी दवाओं को तुरंत अलग करने के लिए कहा गया। यदि भविष्य में किसी भी स्टोर से एक्सपायरी दवाएं पाई गईं, तो उसके लाइसेंस निलंबन सहित अन्य कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ड्रग्स विभाग ने स्पष्ट किया है कि औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के तहत यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। इसका मुख्य उद्देश्य आम जनता को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित दवाएं उपलब्ध कराना और उनके स्वास्थ्य संबंधी हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।