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एबीवीपी के पक्ष में मतदान का आरोप, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष निष्कासित

by badhtabharat
  • एबीवीपी के पक्ष में मतदान कराने की शिकायत पर संगठन की कार्रवाई
  • प्रदेश अध्यक्ष विकास नेगी ने जारी किया आदेश

गोपेश्वर (चमोली)। छात्र महासंघ चुनाव के दौरान संगठन के निर्देशों के विपरीत काम करने के आरोप में एनएसयूआई चमोली के जिलाध्यक्ष विपिन फरसवान को पद से निष्कासित कर दिया गया है। एनएसयूआई उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष विकास नेगी ने तत्काल प्रभाव से निष्कासन का आदेश जारी किया है। आदेश में फरसवान पर एबीवीपी के पक्ष में मतदान करवाने संबंधी गंभीर शिकायतों और तथ्यों का संगठन के संज्ञान में आने का उल्लेख किया गया है।

संगठन की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि छात्र महासंघ चुनाव के दौरान विपिन फरसवान संगठन के निर्देशों के विपरीत गतिविधियों में शामिल रहे। एबीवीपी के पक्ष में मतदान करवाने संबंधी शिकायतों को भी गंभीरता से लिया गया। संगठन ने इसे एनएसयूआई की विचारधारा और संगठनात्मक अनुशासन के खिलाफ माना।

इसी आधार पर प्रदेश अध्यक्ष ने उन्हें एनएसयूआई चमोली के जिला अध्यक्ष पद से तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि निष्कासन के बाद फरसवान एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष पद, नाम, पदनाम अथवा उससे जुड़े अधिकारों का किसी भी रूप में इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे।

छात्र महासंघ चुनाव के दौरान संगठन के पदाधिकारी पर हुई इस कार्रवाई से छात्र राजनीति में मामला चर्चा में आ गया है। हालांकि निष्कासन आदेश में शिकायतों और सामने आए तथ्यों का उल्लेख किया गया है, लेकिन उनके संबंध में अलग से विस्तृत जानकारी जारी नहीं की गई है। निष्कासन आदेश एनएसयूआई उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष विकास नेगी के हस्ताक्षर से जारी किया गया है।